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उज्जैन सांसद का अजीब बयान:कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मरीजों की मौत के पीछे साइक्लोजिकल इफेक्ट
उज्जैन में लगातार कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ रही है। मौत का आंकड़ा भी बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया का कहना है कि कोरोना संक्रमित और संदिग्ध मरीजों की मौत के पीछे साइक्लोजिकल इफेक्ट भी है। सांसद का यह अजीब बयान सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है।
मंगलवार को बृहस्पति भवन में कोरोना से निपटने और शहर में अस्पतालों में मरीजों की सुविधा के लिए क्राइसिस मैनेजमेंट की मीटिंग रखी गई थी। मीटिंग के बाद सांसद ने उज्जैन में लगातार बढ़ रहे मरीजों और उनकी मौत के सवाल पर कहा कि कुछ तो साइक्लोजिकल भी फर्क पड़ रहा है। आदमी घर में रहता है। छींक हुई, खांसी आई तो उसके दिमाग में आ जाता है। साइक्लोजिकल बीमार भी लोग हो रहे हैं। साइक्लोजिकल अटेक भी आ जाते है। लॉकडाउन हमने भी अनुभव किया है ये साइक्लोजिकल हो रहा है। सांसद ने कहा कि हमने लोगों से कहा है कि डरने की नहीं लड़ने की जरुरत है। खांसी-बुखार होने पर टेस्ट करा लें।
उज्जैन में रोजाना हो रही 30 से 40 संदिग्ध मौत
उज्जैन में कोरोना संक्रमण अपनी चरम पर है। मंगलवार को जारी हुए मेडिकल बुलेटिन में 249 संक्रमित मरीज मिले थे। दो मरीजों को मौत भी हुई है। हकीकत में 30 मौत हुई है। उज्जैन के त्रिवेणी घाट स्थित श्मशान पर ही कोरोना प्रोटोकॉल के अनुसार 20 संदिग्ध मरीजों का अंतिम संस्कार किया गया। इसके अलावा अन्य समुदाय के मरने वाले अलग है। इसके बावजूद भी जिम्मेदार सिर्फ दो मौत ही बता रहे है। पिछले साल 2020 के मई-जून तक शव का भी सैम्पल लेकर जांच की जा रही थी लेकिन वह भी अब बंद कर दी गई।
इस तरह तेजी से बढ़ रहे मरीज
अप्रैल के बीते 11 दिनों की बात करे 1759 मरीज मिले है। लेकिन पिछले साल जब कोरोना की शुरुआत हुई थी, तब यह आंकड़ा इससे बहुत कम था। अप्रैल 2020 में एक दिन में अधिकतम संक्रमित 19 मरीज मिले थे। लेकिन अप्रैल 2021 में एक दिन में अधिकतम संक्रमितों के मिलने का आंकड़ा 317 तक पहुंच चुका है।